Category Archives: poem

फिर भी..

हर दिन हों लगे चाहे सारे छप्पन भोग, पर रस-स्वाद ढूँढ़ते हैं वो लोग, हम तो लगाते अपने प्रभु को, नमक-सूखी रोटी का भोग, फिर भी हर दिन थोडा, मुस्कुरा लेते हैं हम लोग !! फीके रंग, कपड़ा ढीला या … Continue reading

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Yaari Dosti….

अमीरी गरीबी से परे हो अहं से न घिरी हो शर्तों में न बंधी हो जिंदगी के तूफानों से लड लौ जिसकी न बुझी हो दोस्ती वो निराली है नखरे उठाती नखरे दिखाती उसकी नोंकझोंक ही बडी प्यारी है गुनगुनी … Continue reading

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Tab Bhi Uljhan Hoti Thi; Ab Bhi Uljhan Hoti Hai

  रेत से बटोरी सीपी ही बचपन की दौलत होती थी सिक्कों की खनक में लेकिन अब दौलत अपनी नपती है ऊंचे आस्मां में ही बचपन की पतंग उड़ती थी अब कहाँ उस नीली छतरी को निहारने की फुर्सत होती … Continue reading

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Wakt ka kya hai….

  वक्त का क्या है यूँ ही रेत बन उंगलियों से फिसल जाता है लाख कर लो मिन्नतें पलट के नहीं देखता यूँ ही धोका दे जाता है ख्वाइशों का क्या है यूँ ही पंख लगा हर सू उड़ जाती … Continue reading

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I Haven’t Told You But I Have Noticed….

I haven’t told you, But I noticed…. To find my mojo, anew How you persisted… You stood by my side… Insisting I decide… You pushed me through the door, Fly solo you said, go explore… I notice your efforts umpteen… … Continue reading

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बार बार वही घाव……

बार बार वही घाव, कभी शब्दों से किया आघात, लबों को सी कर किये कभी वार…..

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Until death do us part….

15 years ago, in October 1999, that is what we promised each other on the altar…..to be together till death do us part. Since then we have loved, fought, argued, laughed, teased, cried, worried about each other, sometimes neglected each other, … Continue reading

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