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Wakt ka kya hai….

  वक्त का क्या है यूँ ही रेत बन उंगलियों से फिसल जाता है लाख कर लो मिन्नतें पलट के नहीं देखता यूँ ही धोका दे जाता है ख्वाइशों का क्या है यूँ ही पंख लगा हर सू उड़ जाती … Continue reading

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