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Yaari Dosti….

अमीरी गरीबी से परे हो अहं से न घिरी हो शर्तों में न बंधी हो जिंदगी के तूफानों से लड लौ जिसकी न बुझी हो दोस्ती वो निराली है नखरे उठाती नखरे दिखाती उसकी नोंकझोंक ही बडी प्यारी है गुनगुनी … Continue reading

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बार बार वही घाव……

बार बार वही घाव, कभी शब्दों से किया आघात, लबों को सी कर किये कभी वार…..

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